इस पदोन्नति के साथ, मनोज कुमार अग्रवाल राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले नौकरशाह बन गए हैं। यह उनके राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद से सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक पद तक की एक तेज गति वाली यात्रा को दर्शाता है।मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल कैडर से हैं। उनके पास जिला प्रशासन, केंद्र सरकार में तैनाती और राज्य स्तर पर वरिष्ठ भूमिकाओं सहित तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है।उन्हें मार्च 2025 में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्होंने फरवरी 2017 से इस पद पर रहे आरिफ आफताब का स्थान लिया, जो दिसंबर 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में, अग्रवाल राज्य सचिवालय में चुनाव विभाग के प्रभारी अतिरिक्त मुख्य सचिव का अतिरिक्त पद भी संभाल रहे थे।अपने कार्यकाल के दौरान, अग्रवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण का पर्यवेक्षण किया, जिसमें घर-घर जाकर गणना, पूर्व-भरे मतदाता फॉर्म और मौजूदा मतदाता डेटा का सत्यापन शामिल था। उन्होंने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के संचालन की भी देखरेख की।अपने चुनावी कार्यकाल से पहले, अग्रवाल वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे, जिसके साथ उनके पास अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं का भी अतिरिक्त प्रभार था। उनकी पिछली महत्वपूर्ण नियुक्तियों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में प्रधान सचिव और आयुक्त (2017-2020) तथा कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग में प्रधान सचिव (2014-2017) शामिल हैं।उन्होंने शहरी विकास, जन शिक्षा विस्तार और तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभागों में भी वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। इसके अतिरि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
कौन हैं मनोज अग्रवाल?: पश्चिम बंगाल के चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका, अब बनाए गए राज्य के मुख्य सचिव
इस पदोन्नति के साथ, मनोज कुमार अग्रवाल राज्य के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले नौकरशाह बन गए हैं। यह उनके राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद से सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक पद तक की एक तेज गति वाली यात्रा को दर्शाता है।मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और पश्चिम बंगाल कैडर से हैं। उनके पास जिला प्रशासन, केंद्र सरकार में तैनाती और राज्य स्तर पर वरिष्ठ भूमिकाओं सहित तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है।उन्हें मार्च 2025 में भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा मुख्य