राष्ट्रपति पुतिन ने साल 2022 के इस्तांबुल समझौते की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय कीव समझौते के लिए तैयार था। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन ने शुरुआती दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कर दिए थे, लेकिन बाद में फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के दबाव में आकर कदम पीछे खींच लिए। पुतिन ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों और तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूक्रेन को यह कहकर रोका कि यह एक अनुचित समझौता है। पुतिन ने सवाल उठाया कि जब यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल खुद तैयार था, तो बाहरी ताकतें इसे अनुचित कैसे कह सकती हैं? उनके अनुसार, पश्चिमी सैन्य सहायता ने ही इस युद्ध को इतना लंबा खींचा है।युद्ध के पांचवें साल में प्रवेश करने पर पुतिन ने सतर्कता भरी आशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिम को उम्मीद थी कि वे कुछ ही महीनों में रूस को कुचल देंगे और उसकी राज्यसत्ता को नष्ट कर देंगे, लेकिन वे इसमें पूरी तरह विफल रहे। अब वे खुद इस दलदल में फंस चुके हैं। पुतिन ने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में यूरोप में राजनीतिक बदलाव होंगे और ऐसी शक्तियां सत्ता में आएंगी जो रूस के साथ बेहतर संबंधों को प्राथमिकता देंगी।यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की है। यह अस्थायी शांति समझौता रूस के ‘विजय दिवस’ समारोहों के अवसर पर हुआ है। ट्रंप के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की इस संक्षिप्त युद्धविराम के लिए सहमत हुए हैं। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अब भी इस युद्ध के स्थायी समाधान और बातचीत के जरिए शांति बहाली की उम्मीद कर रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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