क्या फिर लौटेंगी ममता: 1977 के बाद जो बंगाल की सत्ता से गया वो दल कभी लौटकर नहीं आया, टीएमसी का क्या होगा? और पढ़ें बंगाल में छोटे या कम अवधि की सरकारें और मुख्यमंत्री दोनों की ही काफी कमी रही है। इसी का नतीजा है कि राज्य में शुभेंदु से पहले तक बंगाल के पूरे इतिहास में सिर्फ आठ मुख्यमंत्री ही रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस के बंगाल की सत्ता से जाने के बाद कोई भी मुख्यमंत्री चुनाव हारने के बाद दोबारा कभी सत्ता में वापस नहीं लौटा। यहां तक की 1977 के बाद कोई पार्टी भी हारने के बाद कभी सत्ता में नहीं लौटी। पश्चिम बंगाल में 9 मई (शनिवार) को शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बन गई। इसी के साथ राज्य में एक और मुख्यमंत्री के लंबे शासन का अंत हो गया। ममता बनर्जी ने राज्य में मुख्यमंत्री के तौर पर कुल तीन कार्यकाल यानी 15 साल पूरे किए। हालांकि, अब उनके भविष्य को लेकर चर्चा का दौर जारी है। इसकी दो बड़ी वजहें हैं, पहली- बंगाल में अब तक किसी भी सरकार का कार्यकाल छोटा यानी एक बार का नहीं रहा है। दूसरा- ममता बनर्जी की उम्र भी अब 71 साल है। आइये जानते हैं… पश्चिम बंगाल में सरकारों और मुख्यमंत्रियों के बदलने का क्या इतिहास रहा है? पश्चिम बंगाल में सबसे पहला शासन कांग्रेस का रहा। आजाद भारत में बिधान चं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें