02:04 AM, 09-May-2026 ईरान में इंटरनेट बैन के 70 दिन पूरे, थमी विकास की रफ्तार, जनता की बढ़ी मुश्किलें ईरान में जारी इंटरनेट ब्लैकआउट आज अपने 70वें दिन में प्रवेश कर गया है। इंटरनेट वॉचडॉग ‘नेटब्लॉक्स’ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस शटडाउन ने अब तक 1656 घंटों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह स्थिति देश के आधुनिक इतिहास में डिजिटल कनेक्टिविटी पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार बनकर उभरी है। ईरान में इंटरनेट सेवाओं पर यह कड़ा पहरा जनवरी की शुरुआत में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद लगाया गया था। फरवरी के अंत में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इन प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया गया। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लगभग पूरे देश में डिजिटल संचार को ठप कर दिया है। 70 दिनों से जारी इस पाबंदी ने देश के व्यापारिक ढांचे को हिला कर रख दिया है। छोटे व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गए हैं और ऑनलाइन आधारित नौकरियां खत्म होने की कगार पर हैं। सबसे ज्यादा प्रभाव दिव्यांगों, छात्रों और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पड़ा है। छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और आवश्यक सेवाओं तक पहुंचना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। ईरान में जारी इंटरनेट ब्लैकआउट आज अपने 70वें दिन में प्रवेश कर गया है। इंटरनेट वॉचडॉग ‘नेटब्लॉक्स’ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस शटडाउन ने अब तक 1656 घंटों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह स्थिति देश के आधुनिक इतिहास में डिजिटल कनेक्टिविटी पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार बनकर उभरी है।ईरान में इंटरनेट सेवाओं पर यह कड़ा पहरा जनवरी की शुरुआत में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद लगाया गया था। फरवरी के अंत में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इन प्रतिबंधों क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
West Asia LIVE: होर्मुज में ईरानी दादागिरी के खिलाफ अमेरिका ने कसी कमर; तेहरान में इंटरनेट बैन के 70 दिन पूरे
02:04 AM, 09-May-2026 ईरान में इंटरनेट बैन के 70 दिन पूरे, थमी विकास की रफ्तार, जनता की बढ़ी मुश्किलें ईरान में जारी इंटरनेट ब्लैकआउट आज अपने 70वें दिन में प्रवेश कर गया है। इंटरनेट वॉचडॉग 'नेटब्लॉक्स' के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस शटडाउन ने अब तक 1656 घंटों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह स्थिति देश के आधुनिक इतिहास में डिजिटल कनेक्टिविटी पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार बनकर उभरी है। ईरान में इंटरनेट सेवाओं पर यह कड़ा पहरा जनवरी की शुरुआत में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद लगाया गया था। फरवरी के अ