टीवीके 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के 118 सीटों के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष कर रही है। समर्थन जुटाने की कोशिश में पार्टी ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के घटकों से संपर्क किया है। कांग्रेस ने पहले ही टीवीके का समर्थन करने का फैसला किया है, भले ही वह सरकार में शामिल न हो। इसी तरह सीपीआई और सीपीआईएम ने भी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है, लेकिन वे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे।वीसीके ने शुक्रवार शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक उच्च-स्तरीय समिति की बैठक बुलाई। इसमें 20 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अधिकांश पदाधिकारियों ने टीवीके की सरकार बनाने की कोशिशों का समर्थन करने के पक्ष में राय दी।बैठक के दौरान वीसीके के वरिष्ठ नेता रवि कुमार ने कथित तौर पर इस बात पर जोर दिया कि किसी भी ऐसे समझौते में, जिसमें वीसीके का सरकार को समर्थन शामिल हो, पार्टी अध्यक्ष थोल. तिरुमावलवन को उप-मुख्यमंत्री का पद दिया जाना चाहिए। कई अन्य नेताओं ने भी इसी विचार का समर्थन किया।उन्होंने तर्क दिया कि अगर वीसीके औपचारिक रूप से टीवीके सरकार का समर्थन करने का फैसला लेती है, तो पार्टी को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। कुछ पदाधिकारियों ने यह भी सुझाव दिया कि वीसीके के उप-महासचिव वन्नी अरसु को भी मंत्री पद में शामिल किया जाना चाहिए।पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि प्रस्तावित सरकार को दलितों के संरक्षण पर मजबूती से ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसी के साथ ऑनर किलिंग के खिलाफ एक विशेष कानून बनाना चाहिए और सांप्रदायि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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