कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कैबिनेट फेरबदल, नेतृत्व परिवर्तन और हालिया चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कई अहम बयान दिए। कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला पार्टी हाईकमान के स्तर पर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमें जब बुलाया जाएगा, तब हम दिल्ली जाएंगे। शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने पर क्या बोले? उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की उनके समर्थकों की मांग पर सिद्धारमैया ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उनके इस बयान को राज्य कांग्रेस में चल रही अंदरूनी चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज वहीं, अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों पर टिप्पणी करते हुए सिद्धारमैया ने ममता बनर्जी के लंबे कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 15 साल सत्ता में रहने के बाद एंटी-इंकंबेंसी एक बड़ा कारण हो सकता है। साथ ही, उन्होंने मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाए जाने को भी संभावित कारण बताया। तमिलनाडु के नतीजों पर उन्होंने कहा कि युवाओं ने बदलाव की इच्छा के चलते अभिनेता और टीवीके के संस्थापक विजय को समर्थन दिया, जो एक चौंकाने वाला परिणाम रहा। नवंबर 2025 में सरकार के ढाई साल पूरे होने के साथ ही कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें फिर तेज हो गईं। दरअसल, इसकी शुरुआत 2023 में कांग्रेस की जीत के समय ही हो गई थी, जब संकेत मिले थे कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के पावर शेयरिंग फॉर्मूले पर सहमति बनी है। खरगे ने क्या दिए संकेत? जैसे ही सिद्धारमैया का कार्यकाल ढाई साल के करीब पहुंचा, शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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