वहीं, इस घटना के खिलाफ जिले में शनिवार की देर रात लोगों ने पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इन लोगों को पुलिस ने तितर-बितर कर दिया। इस मामले के 65 वर्षीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक अदालत ने सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, “यह जघन्य अपराध गहरा दुख और आक्रोश पैदा करता है। यह युवा लड़कियों की सुरक्षा के संबंध में गंभीर चिंताएं उजागर करता है।” आयोग ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराध बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं और समाज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने, जांच की निगरानी सुनिश्चित करने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता और मुआवजा प्रदान करने, पॉक्सो के तहत समयबद्ध आरोप पत्र दाखिल करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। आयोग ने कहा कि हर लड़की की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।यह भयावह घटना एक मई को पुणे जिले के भोर के नसरापुर इलाके में हुई, जब कथित तौर पर 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नसरापुर की नाबालिग पीड़िता के बलात्कारी और हत्यारे के लिए मौत की सजा का वादा किया है। वहीं, राज्य की विपक्षी पार्टियों ने प् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Pune: नाबालिग बच्ची के दुष्कर्म-हत्या के मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग मे जताई चिंता, विरोध-प्रदर्शन जारी
वहीं, इस घटना के खिलाफ जिले में शनिवार की देर रात लोगों ने पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इन लोगों को पुलिस ने तितर-बितर कर दिया। इस मामले के 65 वर्षीय आरोपी को महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक अदालत ने सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक पोस्ट में कहा, "यह जघन्य अपराध गहरा दुख और आक्रोश पैदा करता है। यह युवा लड़कियों की सुरक्षा के संबंध में गंभीर चिंताएं उजागर करता है।" आयोग ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा