यह घटना पुणे जिले के भोर तहसील की है। आरोपी 65 वर्षीय मजदूर ने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। उसे एक पशु बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया और पत्थर से मारकर हत्या कर दी। घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। आरोपी को सात मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस सबूत जुटाने में लगी है ताकि केस मजबूत बन सके। अधिकारियों ने कहा कि मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सैकड़ों लोग नवले ब्रिज इलाके में हाईवे पर इकट्ठा हुए। बच्ची के शव को सड़क पर रखकर विरोध किया गया। इससे करीब चार घंटे तक मुंबई-बंगलूरू हाईवे जाम रहा। यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालांकि बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।मामले में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। राउत ने इस दर्दनाक घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे ‘निकम्मी और अयोग्य’ करार दिया है। संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है और यह सरकार सिर्फ वीआईपी सुरक्षा और तमिलनाडु, केरलम, असम और बंगाल के दौरों में ही व्यस्त है। उन्होंने सरकार की योजना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शायद उस मृत बच्ची की मां भी इस सरकार की ‘लाडली बहना’ होगी। क्या आप उस मां की भावनाओं को महज 1500 रुपये में खरीद सकते हैं? राउत ने पुलिस प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की गुहार लगाते हुए जो जनता बच्ची का श …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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