ईरान का यह प्रस्ताव वॉशिंगटन की ओर से पहले भेजे गए नौ सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में आया है, जिसमें कथित तौर पर दो महीने के संघर्ष विराम की समय-सीमा शामिल थी। हालांकि, तेहरान ने किसी भी विस्तारित अंतरिम व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया है। इसके बजाय ईरान ने 30 दिनों के भीतर एक व्यापक समाधान पर जोर दिया है, जिसे अस्थायी युद्धविराम के बजाय स्थायी युद्ध की समाप्ति के रूप में देखा जाएगा।ईरान के प्रस्ताव में कड़ी सुरक्षा गारंटी शामिल हैं। इसमें भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य आक्रामकता को रोकने की मांग की गई है। साथ ही अमेरिका को ईरान के आसपास के इलाके से सेना वापस बुलाने की मांग भी की गई है। इसमें मौजूदा नौसैनिक प्रतिबंधों और नाकाबंदी को हटाने के साथ-साथ विदेशों में जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की मांग शामिल है। वहीं, तेहरान द्वारा प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के कारण हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी की गई है।आर्थिक मोर्चे पर, प्रस्ताव में ईरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने की मांग की गई है। क्षेत्रीय स्तर पर, प्रस्ताव ईरान-अमेरिका के तनाव से परे जाकर, लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को समाप्त करने का आह्वान करता है।यह प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण वैश्विक तेल पारगमन बिंदु, होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करने का भी सुझाव देता है, जिसका उद्देश्य स्थिरता और निर्बाध समुद्री प्रवाह सुनिश्चित करना है। ईरान अब व\शिंगटन से आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम घरीबाबादी ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा गया यह कूटनीतिक प्रस्ताव थोपे गए युद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran: 'नाकाबंदी हटाओ और लेबनान समेत हर मोर्चे पर खत्म करो जंग', ईरान ने अमेरिका को भेजा 14 सूत्रीय प्रस्ताव
ईरान का यह प्रस्ताव वॉशिंगटन की ओर से पहले भेजे गए नौ सूत्रीय प्रस्ताव के जवाब में आया है, जिसमें कथित तौर पर दो महीने के संघर्ष विराम की समय-सीमा शामिल थी। हालांकि, तेहरान ने किसी भी विस्तारित अंतरिम व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया है। इसके बजाय ईरान ने 30 दिनों के भीतर एक व्यापक समाधान पर जोर दिया है, जिसे अस्थायी युद्धविराम के बजाय स्थायी युद्ध की समाप्ति के रूप में देखा जाएगा।ईरान के प्रस्ताव में कड़ी सुरक्षा गारंटी शामिल हैं। इसमें भविष्य में ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य आक्रामकता को रोकने की म