अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का सुदूर दक्षिणी छोर इन दिनों देश की राजनीति और भू-रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कैंपबेल बे का दौरा करने के बाद केंद्र सरकार के ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ को ‘विकास के नाम पर विनाश’ और ‘देश की प्राकृतिक तथा आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़ा घोटाला’ करार दिया है। एक तरफ विपक्ष और पर्यावरणविद् इसे प्रकृति और आदिवासियों के लिए मौत का फरमान मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में एक ‘अपरिहार्य सामरिक जरूरत’ बता रही है। कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT): गैलाथिया बे में 14.2 मिलियन TEU क्षमता का एक विशाल अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह बनेगा। गैलाथिया बे में 14.2 मिलियन TEU क्षमता का एक विशाल अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह बनेगा। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट: सैन्य और नागरिक उपयोग (Dual-use) के लिए एक नया हवाई अड्डा बनेगा, जिसकी क्षमता सालाना 1 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। सैन्य और नागरिक उपयोग (Dual-use) के लिए एक नया हवाई अड्डा बनेगा, जिसकी क्षमता सालाना 1 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। पावर प्लांट: 450 MVA क्षमता का गैस और सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा। 450 MVA क्षमता का गैस और सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाएगा। इंटीग्रेटेड टाउनशिप: एक नया शहर बसाया जाएगा, जहां भविष्य में 3.36 लाख से 6.5 लाख लोगों के बसने की योजना है। भारत सरकार ‘द्वीपों के समग्र विकास’ (Holistic Development of Islands) कार्यक्रम के तहत ग्रेट निकोबार द्वीप को एक वैश्विक समुद्री और व्यापारिक हब में बदलना चाहती है। इस मेगा-प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 72,000 करोड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: विकास के नाम पर विनाश या देश के लिए गेमचेंजर? विरोध के बीच आसान भाषा में समझें सब कुछ
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का सुदूर दक्षिणी छोर इन दिनों देश की राजनीति और भू-रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कैंपबेल बे का दौरा करने के बाद केंद्र सरकार के 'ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट' को 'विकास के नाम पर विनाश' और 'देश की प्राकृतिक तथा आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़ा घोटाला' करार दिया है। एक तरफ विपक्ष और पर्यावरणविद् इसे प्रकृति और आदिवासियों के लिए मौत का फरमान मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक महाशक्ति बनने की