राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर अपने संदेश में भगवान बुद्ध के जीवन और उनके शाश्वत विचारों को याद करते हुए कहा कि यह दिन मानवता के लिए गहरे आत्मचिंतन और प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा हमें भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों की स्मृति कराती है, जो पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं। सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की असीम शुभकामनाएं। शांति, करुणा और सद्भावना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले इस पावन अवसर पर आइए, भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराएं। नान्तर्बहिश्च लोकेषु त्वात्मानं दृष्टवान् क्वचित्। आष्टाङ्गिकेन मार्गेण परमां… pic.twitter.com/DrTeabrw93 — Narendra Modi (@narendramodi) May 1, 2026 राष्ट्रपति ने अपने संदेश में आगे कहा कि करुणा, अहिंसा और ज्ञान पर आधारित भगवान बुद्ध के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब विश्व अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में बुद्ध के विचार हमें शांति, सहिष्णुता और आपसी सौहार्द के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जो एक बेहतर और संतुलित समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के आदर्शों को साकार करने के प्रति देश की प्रतिबद्धता अटूट है। उन्होंने अपने संदेश में आशा जताई कि बुद्ध के विचार समाज में आनंद, एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री ने हिंदी में भी संदेश साझा करते हुए कहा कि बुद्ध पूर्णिमा हमें शां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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