श्रमिक आंदोलन के बाद सरकार ने 21 फीसदी बढ़ाया वेतन जिले में लंबे समय से श्रमिकों के वेतन में वृद्धि नहीं हुई। अन्य राज्यों में वेतन वृद्धि के बाद नोएडा के फेज-2 औद्योगिक इलाके से श्रमिकों ने अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग जोरों-शोरों से उठाई। 10 अप्रैल तक बड़ी संख्या में श्रमिक इकट्ठा हुए और काम ठप करते हुए आंदोलनरत हो गए। 13 अप्रैल सोमवार की सुबह इसी प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। जिससे पूरे नोएडा ही नहीं पूरे गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक क्षेत्रों में हिंसा, अशांति पैदा हो गई और काम ठप पड़ गया था। इस प्रदर्शन को हिंसक बनाने वाले अराजक तत्वों के चलते श्रमिकों की मांगें पीछे रह गई। हालांकि सरकार ने इस बात को गंभीरता से लिया। प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन दर में 21 फीसदी की वृद्धि कर दी, जिससे ब्रमिकों में काफी हद तक संतोष रहा। कौशल विकास केंद्र से निखारेंगे श्रमिकों के हुनर सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि श्रमिकों के जीवन में बदलाव और प्रगत्ति के लिए शहर में कौशल विकास केंद्र व अनुसंधान व विकास केंद्र भी बनेंगे। इनके लिए भी दो प्लॉट प्राधिकरण चिह्नित कर रहा है। सीईओ ने बताया कि नोएडा में श्रमिकों के हुनर को और निखारा जाना व मांग के अनरुप दक्षता का प्रशिक्षण दिलवाया जाना भी बुनियादी जरूरत है। इसे देखते हुए कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। वहीं अनुसंधान व विकास केंद्र में भी श्रमिकों का हुनर निखारने और दक्षता को विकसित करने से जुड़े कार्यक्रम का संचालन होगा। इन दोनों केंद्र के लिए विस्तृत रूपरेखा अभी तैयार होनी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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