और पढ़ें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ सुनवाई कर रही थी। पीठ ने केंद्र से कहा कि वह एक आवेदन के साथ हलफनामा दाखिल करे और बताए कि अब तक हलफनामा क्यों नहीं दिया गया और और समय क्यों मांगा जा रहा है। पिछले साल 17 नवंबर को कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से एक याचिका पर जवाब मांगा था। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन ने दायर की थी, जिसमें मांग की गई थी कि एक मजबूत और स्वतंत्र नियामक संस्था बनाई जाए जो विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। आज मामले की सुनवाई में क्या हुआ? गुरुवार की सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि केंद्र ने अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया है। केंद्र के वकील ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का हवाला दिया। इस पर कोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या है जो आपको हलफनामा दाखिल करने से रोक रहा है? केंद्र के वकील ने कहा कि नियम बनाने पर विचार चल रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप हलफनामा दाखिल करें और सब कुछ रिकॉर्ड में रखें। तीन बार समय दिया जा चुका है, फिर भी हलफनामा क्यों नहीं आया? केंद्र ने तीन हफ्ते का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की और कहा कि हलफनामा अगले सप्ताह तक देना होगा। ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? ■ शीर्ष कोर्ट ने कहा कि आपका हलफनामा अगले शुक्रवार (8 मई) तक आ जाना चाहिए। ■ अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि 17 नवंबर को नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है। ■ आज भी केंद्र ने और समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। ■ कोर्ट ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर उचित आवेदन औ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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