व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने मीडिया वार्ता में बताया कि ट्रंप इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बैठक के नतीजे पर पहले से कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति खुद जल्द ही इस विषय पर जानकारी देंगे।इससे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ईरानी वार्ताकार अमेरिका के साथ समझौता करने को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। वे खुद को मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकालना चाहते हैं। हालांकि, वे इसके जरिए सिर्फ और समय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। रुबियो ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ईरान का शासन कट्टरपंथी शिया मौलवियों के हाथ में है, जो शांति वार्ता में एक बड़ी बाधा है।ईरान के भीतर दो गुट हैं। एक गुट राजनीतिक वर्ग का है जो देश और अर्थव्यवस्था चलाना चाहता है। दूसरा गुट पूरी तरह धार्मिक विचारधारा से प्रेरित है, जिसमें रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और सर्वोच्च नेता शामिल हैं। रुबियो के अनुसार, अमेरिकी वार्ताकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ईरानी प्रतिनिधियों को पहले अपने ही देश के दूसरे गुटों से बात करनी पड़ती है। वे आपस में ही बंटे हुए हैं कि क्या प्रस्ताव देना है और किससे मिलना है।इस बीच, अमेरिकी प्रशासन ईरान की बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी के असर को सकारात्मक मान रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने समझौते के लिए जो नई शर्तें रखी हैं, वे अभी भी अमेरिका की तय सीमाओं (रेड लाइन्स) से काफी दूर हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Peace Talks: ईरान होर्मुज खोलने को तैयार, अमेरिका के सामने रखी ये शर्तें; ट्रंप ने सुरक्षा टीम के साथ की बैठक
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने मीडिया वार्ता में बताया कि ट्रंप इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बैठक के नतीजे पर पहले से कुछ भी कहने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति खुद जल्द ही इस विषय पर जानकारी देंगे।इससे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ईरानी वार्ताकार अमेरिका के साथ समझौता करने को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। वे खुद को मौजूदा मुश्किलों से बाहर निकालना चाहते हैं। हालांकि, वे इसके जरिए सिर्फ और समय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। रुबियो ने ई