जियाईनिया ने साफ कर दिया है कि ईरान चुप बैठने वाला देश नहीं है और वह अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। उनका कहना है कि ईरान पर हमला करने वाले लड़ाकू विमान सीधे अमेरिका से नहीं उड़ सकते, बल्कि वे ईरान के आसपास मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से उड़ान भर रहे हैं, जिसमें फलस्तीन की जमीन भी शामिल है। ईरान के अधिकारी ने पूछा है कि अगर आपके घर पर कोई चारों तरफ से हमला करे, तो क्या आप चुप रहेंगे? उन्होंने भारत और ईरान की सभ्यताओं की तुलना करते हुए कहा कि हम दोनों ही देश कभी हमलावर नहीं रहे, बल्कि हमें हमेशा बाहरी ताकतों से लड़ना पड़ा है। ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर क्यों किया हमला? डॉ. जियाईनिया ने कहा कि ईरान केवल उन लोगों को निशाना बना रहा है जिन्होंने उनके क्षेत्र में घुसपैठ की है। एक लड़ाकू विमान अमेरिकी क्षेत्र से ईरान तक उड़ान नहीं भर सकता, इसलिए अमेरिका ने ईरान के चारों तरफ अपने सैन्य अड्डे बनाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आपके घर के चारों ओर मौजूद अड्डों से हमला हो, तो आप क्या करेंगे? जियाईनिया ने स्पष्ट किया कि ईरान ऐसे हमलों के सामने चुप नहीं बैठेगा और अपनी रक्षा करना उसका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत जैसी प्राचीन सभ्यताएं कभी हमलावर नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने हमेशा विदेशी ताकतों का सामना किया है। क्या अंतरराष्ट्रीय संगठन अमेरिका के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे? ईरान के अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई देश खुलेआम अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ने की बात कह रहा है। ट्रंप ने ईरानी सभ्यता को मिटाने की बात कही, फिर भी कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था उनके खिलाफ आवाज नहीं उठा रही है। संयुक्त राष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें