हमारे पास सभी विकल्प हैं: डोनाल्ड ट्रंप उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते अभी खुले हुए हैं और ईरान के प्रतिनिधि चाहें तो खुद कॉल कर सकते हैं या अमेरिका के अधिकारियों से मुलाकात के लिए यात्रा कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा, हमारे पास सभी विकल्प हैं। अगर वे बात करना चाहते हैं तो वे हमारे पास आ सकते हैं या हमें फोन कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह बातचीत कब होगी। ये भी पढ़ें: नाटो को लेकर क्या कहा? शनिवार को बातचीत के प्रयासों में बाधा दिखी, जब तेहरान के शीर्ष राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गए। उसके बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने दूतों को इस्लामाबाद नहीं जाने को कहा था। उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से ‘बहुत निराश’ हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने के मुद्दे पर सदस्य देशों ने मदद नहीं की तो अमेरिका इससे बाहर निकलने पर विचार कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वर्षों से नाटो का समर्थन किया है और भारी खर्च किया है। लेकिन जब जरूरत पड़ी तो सहयोग नहीं मिला। ईरान को चीन के समर्थन के सवाल पर क्या कहा? उसने जब सवाल किया गया कि क्या आपको लगता है कि चीन अभी ईरान की मदद कर रहा है? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वे मदद कर रहे होंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे ज्यादा मदद कर रहे हैं। वे और भी ज्यादा मदद कर सकते थे। मैं ज्यादा निराश नहीं हूं। हम भी लोगों की मदद करते हैं। बहुत जल्द खत्म होगा टकराव, अमेरिका की जीत होगी: ट्रंप ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जो टकराव चल रहा है, वह बहुत जल्द खत्म होगा और इसमें अमेरिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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