यह मामला मुख्य रूप से दो अलग-अलग घोटालों से जुड़ा हुआ है। पहला मामला मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) का है, जिसमें पुलिस के एक बड़े अधिकारी और कुछ अन्य लोग शक के घेरे में हैं। वहीं, दूसरा मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन घोटाले से जुड़ा है। ईडी की टीमों ने इन दोनों मामलों में 25 और 26 अप्रैल 2026 को कुल 14 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान जांच एजेंसी को लाखों रुपये का कैश मिला है और कई ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जो आने वाले समय में कई सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। ईडी को छापेमारी में क्या-क्या मिला? 26 अप्रैल 2026 को ईडी की कोलकाता जोनल यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में 3 ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई सोना पप्पू, जय एस. कामदार, डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास और अन्य के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है। कल्याण शुक्ला और संजय कुमार कनोडिया के परिसरों की तलाशी ली गई। इस दौरान 10 लाख रुपये कैश, सोने के गहने, डिजिटल डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों से पता चलता है कि संदिग्धों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के बीच बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन हुआ है। डीसीपी शांतनु सिन्हा की भूमिका क्यों घेरे में? मामले में डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास की भूमिका बेहद संदिग्ध मानी जा रही है। ईडी ने जांच में शामिल होने और पूछताछ के लिए उन्हें आधिकारिक समन (बुलावा) भेजा था। हालांकि, डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास अब तक जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए हैं। उनके इस तरह पेश न होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं और जांच एजेंसी उनके खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है। राशन (पीडीएस) घोटाले में कहां-कहां हुई छापेमारी? म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बंगाल में फिर खुलेंगे भ्रष्टाचार के बड़े राज?: दूसरे चरण के मतदान से पहले ईडी का एक्शन, मारे ताबड़तोड़ छापे
यह मामला मुख्य रूप से दो अलग-अलग घोटालों से जुड़ा हुआ है। पहला मामला मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) का है, जिसमें पुलिस के एक बड़े अधिकारी और कुछ अन्य लोग शक के घेरे में हैं। वहीं, दूसरा मामला सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन घोटाले से जुड़ा है। ईडी की टीमों ने इन दोनों मामलों में 25 और 26 अप्रैल 2026 को कुल 14 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान जांच एजेंसी को लाखों रुपये का कैश मिला है और कई ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जो आने वाले समय में कई सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। ईडी को छापेम