अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता क्यों नहीं: कहां अटकी है बात, क्या है नया प्रस्ताव; क्या चाहते हैं ट्रंप-मोजतबा? एक मौके पर जब अमेरिका ने पुरानी शर्तों के साथ ईरान को शांति स्थापित करने का मौका दिया तो ईरान ने इसे स्वायत्तता पर सीधा हमला करार देते हुए नकार दिया था। इसके बाद जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोल कर शांति का संदेश दिया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि उनकी तरफ से होर्मुज के बाहर लगाया गया ब्लॉकेड तब तक नहीं हटेगा, जब तक ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा नहीं करता। कभी हां, कभी न। वैसे तो यह एक फिल्म का भी नाम है, लेकिन मौजूदा समय में कुछ इसी तरह की स्थिति अमेरिका और ईरान में शुरू हुई शांति वार्ता को लेकर बनी हुई है। दरअसल, 8 अप्रैल को अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम पर सहमति बन गई थी और इसके ठीक बाद दोनों ही देशों के शीर्ष प्रतिनिधि पाकिस्तान में साथ बैठे भी। लेकिन शांति वार्ता पर कोई सहमति नहीं बन पाई। तब से लेकर अब तक न तो दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता पर सीधी बात हुई है और न ही दोनों में से कोई पीछे हटने के लिए तैयार है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद अब तक शांति वार्ता पर बात कहां अटकी है? दोनों देशों की तरफ से अब तक एक-दूसरे को क्या प्रस्ताव दिए गए हैं? इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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