1 of 11 Salim Wastik - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स दरअसल, लोनी में बड़ी संख्या में बाहर से आए लाखों लोग किराये के मकानों में रह रहे हैं। लोग लालच में बिना सत्यापन कराए ही किराये पर मकान दे देते हैं। आम लोगों की तो लापरवाही है ही साथ ही पुलिस पर भी लापरवाह होने के आरोप लग रहे हैं। पूर्व में लोनी में आतंकवादी और बंग्लादेशी भी पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली समेत बाहर की पुलिस भी लोनी से कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अगर किरायेदारों का सत्यापन कराए तो बड़ी संख्या में अपराधी गिरफ्तार हो सकते हैं। अपहरण, रंगदारी और हत्या के आरोपी सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी के बाद लोनी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने बिना कुंडली खंगाले कैसे हत्या के आरोपी सलीम को सुरक्षा मुहैया कराई। इतना ही नहीं जिस-जिस मकान में सलीम किराए पर रह रहा था, उसका भी सत्यापन भी नहीं कराया गया था। अब लोनी पुलिस और बीट अफसरों पर अधिकारियों की टेढ़ी नजर हो गई है। चूंकि इन अधिकारी-कर्मचारियों को इस तरह के प्रकरणों की जानकारी होनी चाहिए। 2 of 11 Salim Wastik - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी लोनी के इन क्षेत्रों में ज्यादा रहते हैं किरायेदार लोनी के नसबंदी कॉलोनी, इंद्रापुरी कॉलोनी, दो नंबर, इकराम नगर कॉलोनी, रूपनगर कॉलोनी, ट्रॉनिका सिटी, पूजा कॉलोनी, डीएलएफ समेत कई कॉलोनियों में बाहर से आए लोग किराये पर रह रहे हैं। पुलिस अगर सलीम वास्तिक के मामले में सही से काम करती तो सलीम बहुत पहले ही गिरफ्तार हो सकता था। 3 of 11 Salim wastik - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स बीट इंचार्ज के साथ खूफिया विभाग भी फेल लोगों का आरोप है कि सलीम वास्तिक पर हमले के बाद बीट इंचार्ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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