इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर गए होसबाले ने समाचार एजेंसी ‘एएनआई’ को साक्षात्कार दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को चुनाव जैसे लोकतांत्रिक आयोजन में संयम के साथ भाग लेना चाहिए और लोकतंत्र का संदेश देना चाहिए, न कि हिंसा में शामिल होना चाहिए। होसबाले ने कहा, चुनाव के समय सभी दलों और उनके कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि शांति बनाए रखें और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में हिस्सा लें। लेकिन इसके बजाय हिंसा की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बांगाल के पिछले चुनाव के बाद हुई हिंसा की याद दिलाता है। देश-दुनिया जानती है कि इसके पीछे कौन लोग हैं।होसबाले ने आगे कहा, जो लोग लोकतंत्र के सबक नहीं सीखेंगे, हिंसा उन्हें कहीं नहीं ले जाएगी और लोग उन्हें अपने तरीके से जवाब देंगे। उनसे बंगाल चुनाव में हिंसा को लेकर सवाल पूछा गया था। आरएसएस ने पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा की निंदा की थी और इसे ‘सुनियोजित साजिश’ बताया था। संगठन ने यह भी आरोप लगाया था कि उस समय राज्य का तंत्र ‘मूक दर्शक’ बना रहाबंगाल में पहले चरण का मतदान गुरुवार को हुआ था और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। उसी दिन तमिलनाडु में भी एक ही चरण में मतदान हुआ। तमिलनाडु में 84.69 फीसदी और पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 91.78 फीसदी मतदान हुआ, जो आजादी के बाद सबसे अधिक है।पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि पहले चरण की घटनाओं से जुड़े विशेष मामलों में 41 गिरफ्तारियां की गई हैं। टीएमसी और हुमायूं कबीर की पार्टी एयूजेपी के समर्थकों के बीच लाठी और पत्थरों से हिंसक झड़प हुई, जिसमें वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। सुरक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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