यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता के भविष्य का वह सुपर ओवर है, जहां हर गेंद पर नतीजा बदल रहा है। यह बंगाल के चुनावी इतिहास में एक ऐसा मोड़ है, जहां वोट की चोट का शोर पूरे देश में सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है।सबसे बड़ी बात तो मतदान का रक्तचरित्र बदलना है। बंगाल में चुनाव और हिंसा अक्सर एक-दूसरे के पर्याय रहे हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में करीब 60 लोगों की जान गई थी। चुनाव आयोग पर तमाम हमले हुए, लेकिन इस बार पहले चरण में मतदान का स्वरूप तुलनात्मक रूप से बेहद शांतिपूर्ण रहना उसके फैसलों को सही ठहराता नजर आ रहा है।इक्का-दुक्का झड़पों को छोड़ दें, तो शांतिपूर्ण वोटिंग भाजपा के लिए सियासी रूप से मनोवैज्ञानिक बढ़त मानी जा रही है, क्योंकि भगवा खेमा लगातार भयमुक्त मतदान की मांग करता रहा है। ममता के बंगाली अस्मिता कार्ड के सामने भाजपा का नारा भय या भरोसा रहा है। अपेक्षाकृत नाममात्र की हिंसा से भाजपा को दूसरे चरण के लिए अपने काडर को सड़कों पर उतारने की ऊर्जा जरूर मिल गई है, जहां मुकाबला इस चरण से ज्यादा कड़ा है। बंगाल ने देश की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। 92% के आंकड़े ने पूरी सियासत को नर्वस कर दिया है। इतना कि चार मई तक कालीघाट से लेकर मुरलीधर लेन तक, हर रात बेचैनी भरी रहने वाली है।बढ़े मतदान को भले ही भाजपा सत्ता विरोधी लहर बता रही हो, लेकिन तृणमूल के पास लाभार्थी मतदाताओं की ऐसी फौज है, जो आंकड़ों का रुख मोड़ सकती है। ममता ने लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 1500 और एससी-एसटी के लिए 1700 रुपये कर दिए हैं। राज्य की करीब 2.2 करोड़ महिलाएं इसकी लाभार्थी हैं। ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि महिलाएं इसे सरकारी मदद नहीं, बल्कि अप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
खेला या परिवर्तन: बंगाल में वोटिंग के कीर्तिमान ने बढ़ा दीं धड़कनें, जानें पहले चरण का सुपर ओवर क्यों खास
यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि बंगाल की सत्ता के भविष्य का वह सुपर ओवर है, जहां हर गेंद पर नतीजा बदल रहा है। यह बंगाल के चुनावी इतिहास में एक ऐसा मोड़ है, जहां वोट की चोट का शोर पूरे देश में सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है।सबसे बड़ी बात तो मतदान का रक्तचरित्र बदलना है। बंगाल में चुनाव और हिंसा अक्सर एक-दूसरे के पर्याय रहे हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में करीब 60 लोगों की जान गई थी। चुनाव आयोग पर तमाम हमले हुए, लेकिन इस बार पहले चरण में मतदान का स्वरूप तुलनात्मक रूप से बेहद शांतिपूर्ण रहना उसके फैसलों