‘अमर उजाला भविष्य ज्योति 2026’ को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद अब तक हजारों छात्र-छात्राएं इस प्रतिष्ठित सम्मान समारोह के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के साथ ही रजिस्ट्रेशन में और तेजी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में सफल विद्यार्थी अपने अंकों के साथ इस मंच से जुड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे अभियान को व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है। ‘भविष्य ज्योति’ की खास बात इसका हाइपरलोकल स्वरूप है। यह पहल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में आयोजित की जा रही है, जहां प्रत्येक जिले में अलग-अलग सम्मान समारोह आयोजित होंगे। इन जिला स्तरीय कार्यक्रमों में स्थानीय मेधावियों को उनके अपने शहर और समुदाय के बीच सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनकी सफलता एक सामूहिक उत्सव का रूप लेगी और अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी।अभियान के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं (CBSE, ICSE एवं अन्य सभी बोर्ड) में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं पंजीकरण कर सकते हैं। हालांकि, जिला स्तरीय सम्मान समारोह के लिए अंतिम चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा।पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है। विद्यार्थी क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा दिए गए लिंकपे सीधे रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते हैं और अपनी दावेदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। बोर्ड परिणामों के बाद जिस तेजी से आवेदन बढ़ रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि यह पहल छात्रों और अभिभावकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।अमर उजाला ने सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे इस अवसर का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमर उजाला ‘भविष्य ज्योति’ 2026: बोर्ड परिणामों के बाद पंजीकरण में तेजी, जिला स्तर पर होगा मेधावियों का सम्मान
‘अमर उजाला भविष्य ज्योति 2026’ को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद अब तक हजारों छात्र-छात्राएं इस प्रतिष्ठित सम्मान समारोह के लिए अपना पंजीकरण करा चुके हैं। विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के साथ ही रजिस्ट्रेशन में और तेजी देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में सफल विद्यार्थी अपने अंकों के साथ इस मंच से जुड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे अभियान को व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है। ‘भविष्य ज्योति’ की खास बात इसका हाइपरलोकल स्वरूप ह