शर्मन ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे द रेजिस्टेंस फ्रंट का हाथ था, जिसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है। खबरों के मुताबिक, इन समूहों को पाकिस्तान में पनाह मिलती है। डेमोक्रेट नेता शर्मन ने मांग की कि पाकिस्तानी सरकार को इन आतंकी गुटों पर नकेल कसने की मांग की। यह प्रदर्शनी ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा है और अमेरिका-ईरान युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।इस डिजिटल प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाकों, 2008 के मुंबई हमलों और पहलगाम हमले की तस्वीरें दिखाई गईं। इसमें उन आतंकी संगठनों और लोगों की पहचान भी उजागर की गई जो पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चलाते हैं। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि आतंकवाद मानवता को नष्ट करना चाहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को दोहराया जिसमें भारत आतंकवाद को हराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।प्रदर्शनी में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के कई बड़े सांसद शामिल हुए। इस दौरान सांसद लिसा मैक्लेन ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करना और मिलकर काम करना ही सही रास्ता है। वहीं, सांसद रो खन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने 1990 के दशक में ही इस खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन तब कम ही लोगों ने इसे गंभीरता से लिया था।इस दौरान 7 मई 2025 को भारत के ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया। भारत ने पाकिस्तान और पीओके में लश्कर और जैश के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य संघर्ष चला था, जो 10 मई की शाम को थमा। सांसद रिचर्ड मैककॉर्मिक ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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