1 of 10 Pahalgham Terror Attack - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स Link Copied एक साल बाद बायसरन अभी भी खामोश है। यहां जाने पर पाबंदियां हैं। रास्ते बंद हैं और वो मैदान जो कभी सैलानियों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, आज भी सन्नाटे की चादर ओढ़े हुए है। दूसरी तरफ पहलगाम ने खुद को संभाल लिया है। डर और दहशत की परछाइयों को पीछे छोड़ते हुए यह पर्यटन स्थल फिर से जिंदगी की ओर लौटता दिख रहा है। 2 of 10 पहलगाम में सेल्फी पॉइंट - फोटो : अमृतपाल सिंह बाली शहीद स्मारक : सैर से पहले संवेदना पहलगाम में प्रवेश करते ही ‘आई लव पहलगाम’ सेल्फी पॉइंट के पास बने शहीद स्मारक पर कदम खुद-ब-खुद ठहर जाते हैं। यहां उन 26 लोगों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने उस दर्दनाक घटना में अपनी जान गंवाई। दिलचस्प यह है कि अब यहां आने वाले पर्यटकों की प्राथमिकता बदल चुकी है। पहले जहां कैमरे सीधे सेल्फी पॉइंट की ओर उठते थे, अब लोग पहले स्मारक की ओर जाते हैं। पीछे से आती एक आवाज ‘रुको, पहले शहीदों को श्रद्धांजलि दे दें। यह वाक्य बदलाव की गवाही देता है। जयपुर से आए एक परिवार ने स्मारक पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि यह यात्रा अब सिर्फ घूमने की नहीं, बल्कि याद और सम्मान की भी है। 3 of 10 पहलगाम में सेल्फी पॉइंट - फोटो : अमृतपाल सिंह बाली मेहमान हमारी जान, भरोसे की वापसी सेल्फी पॉइंट के पास एक लकड़ी का बोर्ड लगा है। इस पर लिखा है- मेहमान जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है। यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भावना बन चुका है। 4 of 10 सेल्फी पॉइंट के पास लगा लकड़ी का बोर्ड - फोटो : अमृतपाल सिंह बाली गुजरात से आए पर्यटक मकसूद बॉबी कहते हैं कि यहां आकर उन्ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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