अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक साक्षात्कार के दौरान घोषणा की कि ईरान के साथ चल रहा दो सप्ताह का संघर्षविराम बुधवार शाम को समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बात की अत्यधिक संभावना नहीं है कि वह इस समय सीमा को आगे बढ़ाएंगे। ट्रंप ने ब्लूमबर्ग को दिए फोन इंटरव्यू में बताया कि यह संघर्षविराम सात अप्रैल की शाम को शुरू हुआ था और इसकी मियाद अब खत्म होने वाली है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वह ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं और बिना किसी ठोस नतीजे के इस अस्थायी शांति को जारी रखने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के दौरान साफ किया कि वह किसी भी खराब समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझ पर किसी समझौते के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। हमारे पास दुनिया भर का समय है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को ईरान की शर्तों पर झुकने की कोई जरूरत नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौता न होने पर क्या युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा, तो उन्होंने स्पष्ट उत्तर दिया कि अगर कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है, तो वह निश्चित रूप से संघर्ष के फिर से शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं। उनके इस रुख ने शांति वार्ता की मेज पर बैठे राजनयिकों के लिए चुनौती और बढ़ा दी है।एक तरफ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शांति वार्ता के अगले दौर की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पीबीएस न्यूज के मुताबिक, एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने बेहद खतरनाक चेतावनी देते हुए कहा, “अगर मंगलवार या बुधवार तक समझौता नहीं हुआ और संघर्षविराम खत्म हुआ, तो फिर ढेर सारे बम फटने शुरू हो जाएंगे।” उनका यह बयान ईरान के लिए एक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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