देश में गर्मी का असर इस साल और तेज होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल से जून तक कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि मार्च के अंत में जारी किए गए पूर्वानुमान में साफ संकेत दिए गए थे कि इस गर्मी में कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस गर्मी का सबसे ज्यादा असर देश के कई बड़े हिस्सों में देखने को मिल सकता है। पूर्वी और दक्षिण भारत में दक्षिण बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे राज्यों में हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। वहीं उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा और इंडो-गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जिससे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।इसके अलावा पश्चिम और मध्य भारत में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। कुल मिलाकर इन क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान और लंबे समय तक चलने वाली गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। गर्मी का आलम यह है कि दिन के साथ रात में भी हवाओं में तपिश महसूस की जा रही है। उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी से फिलहाल एक हफ्ते तक राहत की उम्मीद नहीं है। माैसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के बुंदेलखंड और दक्षिणी इलाकों के 11 जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी किया है। वहीं पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर जैसे छह जिलों में उष्ण रात्रि यानी बेहद गर्म रात होने की भी बात कही है।भीषण गर्मी और तपिश किसानों, मेहनतकश और आमजन पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पारा 45°C के पार: दिल्ली में झुलसाने वाली गर्मी, यूपी से राजस्थान तक लू का अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल
देश में गर्मी का असर इस साल और तेज होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने अप्रैल से जून तक कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि मार्च के अंत में जारी किए गए पूर्वानुमान में साफ संकेत दिए गए थे कि इस गर्मी में कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस गर्मी का सबसे ज्यादा असर देश के कई बड़े हिस्सों में देखने को मिल सकता है। पूर्वी और दक्षिण भारत में दक्षिण बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना ज