उत्तर-पश्चिम और उसके आसपास के इलाकों में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के बावजूद भीषण गर्मी से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश तक 12 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है । भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी यही स्थिति है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तरपूर्वी भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बांदा में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयाा। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में 21 अप्रैल तक लू चलने की पूरी संभावना है।दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने चढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा दिया था। वहीं, शनिवार को फिर सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान अधिकतम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Weather Report: उत्तर भारत को बारिश-अंधड़ से भी राहत नहीं, पारा 45 डिग्री पार; दिल्ली में बढ़ने को है तापमान
उत्तर-पश्चिम और उसके आसपास के इलाकों में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के बावजूद भीषण गर्मी से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वी हिमालयी क्