नासिक पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के एक कार्यालय में कथित धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले का खुलासा किया है। इसके बाद टीसीएस ने अपनी कर्मचारी निदा खान को निलंबित कर दिया। निदा खान का नाम महाराष्ट्र के नासिक में कथित धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया। इसी को लेकर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल, अनुराग वर्मा और गुंजा कपूर मौजूद रहीं। गुंजा कपूर: पढ़ाई लिखाई और आपकी विचारधारा दोनों अलग हैं। अगर आप ये कहते हैं कि पढ़ाई लिखाई की वजह से आपका कैरेक्टर बेहतर हो जाता है ये नहीं कहा जा सकता है। आज भी हमारा एजुकेशन सिस्टम कैरेक्टर बिल्डिंग पर फोकस नहीं करता है। समस्या किसी निदा खान पर आकर खत्म नहीं होगी। ये उससे बहुत बड़ी है। हमें अपने घरों में अपनी बहन बेटियों को सिखाना होगा। उसी तरह जैसे हम गुड टच बैड टच के बारे में अपने बच्चों को बताते हैं। राकेश शुक्ल: ये बिलकुल सही है, जांच होनी चाहिए। चरित्र निर्माण की बात की जा रही है। उसी चरित्र के चलते ही वो लड़की बोल नहीं पाई। जो इस तरह के जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं उनकी जांच होनी चाहिए। इस तरह के लोग कहां-कहां घुस चुके हैं इसकी जांच होनी चाहिए। ये भारत के अंदर से चुनौती खड़ी की जा रही है। कंबल ओढ़कर हम कितने दिन जिएंगे। हमें चिह्नित करना होगा। हर सिस्टम में । क्योंकि इस तरह के उदाहरण लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पूर्णिमा त्रिपाठी: हमें यह सोचना जरूरी है कि इस तरह के मामले जो आ रहे हैं। इस तरह की गंभीर शिकायते हैं। ऐसी क्या मजबूरी रही है कि जिनके खिलाफ ये मामल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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