गठबंधन टूटे, पार्टी रूठी, पर नहीं छूटा पद: कौन हैं हरिवंश नारायण सिंह, फिर बने राज्यसभा के उपसभापति इस बीच जिस डिप्टी चेयरमैन पद को लेकर विपक्ष नाराजगी जता रहा है, उसके बारे में भी एक बात जानना अहम है। यह पद 2018 से ही हरिवंश नारायण सिंह के पास रहा है, जो कि एक बार फिर मनोनीत सांसद के तौर पर इसे ग्रहण कर सकते हैं। ऐसे में राज्यसभा के उपसभापति पद के साथ-साथ यह जानना जरूरी है कि आखिर इस पद पर नौ साल तक आसीन रहने वाले हरिवंश नारायण कौन हैं और उनका परिचय क्या है? उनका राज्यसभा का कार्यकाल कैसा रहा है? उपसभापति के तौर पर कैसे उन्हें राज्यसभा भेजने वाले दल का ही सत्तासीन गठबंधन से बैर हो गया, लेकिन हरिवंश अपने पद से नहीं हटाए गए? आइये जानते हैं… राज्यसभा में शुक्रवार को इतिहास बन सकता है। दरअसल, यहां पहली बार किसी मनोनीत सांसद को उपसभापति यानी डिप्टी चेयरमैन का पद मिल सकता है। यह नाम है- हरिवंश नारायण सिंह का, जिन्हें बीते हफ्ते ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। इसे लेकर विपक्ष की भौहें तनी हैं। दरअसल, कांग्रेस समेत अधिकतर विपक्षी दलों का आरोप है कि हरिवंश नारायण के नामांकन के लिए उनके साथ कोई मतलब की चर्चा नहीं की गई। इतना ही नहीं विपक्ष का आरोप है कि भाजपा ने बीते सात साल से लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद खाली छोड़ा है। इसे लेक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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