जंग को रोकने के लिए कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। अमेरिका से एक नया संदेश लेकर पाकिस्तान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। यह शांति की दूसरी बड़ी कोशिश है, क्योंकि पहली कोशिश नाकाम रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत इसी हफ्ते दोबारा शुरू हो सकती है।अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पिछले हफ्ते की विफल रही वार्ता का नेतृत्व कर रहे थे। वेंस के अनुसार, ईरान को एक ‘ग्रैंड बार्गेन’ यानी महासौदा का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत पिछले छह हफ्तों से जारी युद्ध को समाप्त करने और तेहरान के दशकों पुराने परमाणु कार्यक्रम विवाद को सुलझाने की योजना है।हालांकि, इस बीच ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के हवाले से कहा है कि ईरान अमेरिका के साथ अगले दौर की बातचीत पर अपना अंतिम फैसला आज पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बैठक के बाद लेगा। बताया गया है कि ईरान फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है। उसकी नजरें न केवल पाकिस्तान के साथ हो रही इस अहम मुलाकात पर हैं, बल्कि वह लेबनान में इस्राइल और अमेरिका के बीच संभावित युद्धविराम समझौते को भी बहुत गौर से देख रहा है।बता दें कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता से अपेक्षित परिणाम नहीं निकल सके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फारस की खाड़ी में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के लिए इस प्रक्रिया को अब अन्य माध्यमों से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। ‘पोलिटिया रिसर्च फाउंडेशन’ में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका एक सक्रिय ‘मध्यस्थ’ के बजाय केवल एक ‘फैसिलिटेटर’ की रही। रिपोर्ट में स्पष्ट कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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