अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप ने अपने अंदाज में लिखा कि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हम चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों पर एहसान कर रहे हैं, क्योंकि उनमें खुद यह काम करने की हिम्मत या इच्छाशक्ति नहीं है।ट्रंप ने दावा किया कि इस युद्ध में ईरान बुरी तरह हार रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस रास्ते में ईरानी समुद्री बारूदी सुरंगें अभी भी एक बड़ा खतरा बनी हुई हैं। उन्होंने लिखा कि ईरान के पास अब बस एक ही दांव बचा है कि कोई जहाज उनकी समुद्री सुरंगों से टकरा जाए।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स ने जब खाड़ी को पार किया, तो इसकी कोई जानकारी तेहरान को नहीं दी गई थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि 28 फरवरी 2026 को ईरान पर बमबारी शुरू होने के बाद से यह रास्ता पूरी तरह से बंद जैसा था। समझौते की शर्तों के अनुसार इसे खोलना जरूरी था, लेकिन अमेरिका ने इस बार बिना समन्वय के ही अपने जहाज भेजकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।अमेरिकी मीडिया और राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के उलट, ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के हवाले से स्पष्ट किया है कि किसी भी अमेरिकी युद्धपोत ने होर्मुज को पार नहीं किया है। ईरान ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए दावा किया कि उनकी सेना ने जलडमरूमध्य की कड़ी निगरानी की है और वहां ऐसी कोई हलचल नहीं हुई। ईरान ने दावा किया है कि वे अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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