शनिवार सुबह ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में अपने ठिकाने से प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचा और औपचारिक वार्ता शुरू हुई। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद रहे। वहीं अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। वार्ता 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम के बाद हो रही है और इसका उद्देश्य हिंसा को रोककर स्थायी समाधान निकालना है।शहबाज शरीफ ने पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और फिर अमेरिकी टीम से अलग से बातचीत की। उनके साथ उप प्रधानमंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहेगा।ईरान ने बातचीत से पहले चार बड़ी शर्तें रखीं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण, युद्ध का मुआवजा, जब्त संपत्तियों की रिहाई और पूरे पश्चिम एशिया में स्थायी युद्धविराम शामिल हैं। ये शर्तें वार्ता को और जटिल बना रही हैं और समझौते की राह आसान नहीं दिख रही है।एक ईरानी सूत्र ने दावा किया कि अमेरिका दबाव के बाद ईरान की फंसी संपत्तियां जारी करने पर सहमत हुआ है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भरोसे की कमी दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरिफ ने कहा कि अगर बातचीत अमेरिका फर्स्ट सोच से होगी तो समझौता संभव है। लेकिन इस्राइल फर्स्ट नीति हावी रही तो कोई डील नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि वार्ता विफल होने पर दुनिया को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।इस बीच इस्राइल ने हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम वार्ता से इनकार कर दिया है, हालांकि लेबनान के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Islamabad US-Iran Talks: शांतिवार्ता से पहले अमेरिका-ईरान के नेताओं से मिले PM शहबाज, जानें कहां तक पहुंची बात
शनिवार सुबह ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में अपने ठिकाने से प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचा और औपचारिक वार्ता शुरू हुई। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची मौजूद रहे। वहीं अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। वार्ता 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम के बाद हो रही है और इसका उद्देश्य हिंसा को रोककर स्थायी समाधान निकालना है।शहबाज शरीफ ने पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और फिर अमेरिकी टीम से अलग से बातचीत की। उनके साथ उप प्रधानमंत्री