माइक फ्लिन ने सोशल मीडिया पर ‘मोसाद कमेंट्री’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए चीन और पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर यह साबित हो जाता है कि चीन ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को मिसाइलें पहुंचाई हैं, तो यह अमेरिका के खिलाफ एक सोची-समझी सैन्य साजिश है। फ्लिन ने कहा कि अमेरिका को चीन और पाकिस्तान को तुरंत नोटिस पर रखना चाहिए। उन्होंने यहां तक सुझाव दे डाला कि जवाबी कार्रवाई के रूप में अमेरिका में पढ़ रहे लगभग 5 लाख चीनी छात्रों को तुरंत वापस उनके देश भेज देना चाहिए।वर्तमान में पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के लिए एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। फ्लिन ने तंज कसते हुए कहा कि जो देश पर्दे के पीछे से हथियारों की तस्करी में मदद कर रहा हो, वह ईमानदार मध्यस्थ कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ शांति की बात कर रहा है और दूसरी तरफ अमेरिका के दुश्मनों को रसद पहुंचा रहा है।गौरतलब है कि फरवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच भीषण सैन्य संघर्ष जारी है। हाल ही में दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ है। इस बीच ईरान ने दावा किया था कि अपने तटीय क्रूज मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस हमले में चीनी तकनीक और पाकिस्तानी रूट के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो यह न केवल इस युद्धविराम को खत्म कर देगा, बल्कि और विकट स्थिति भी पैदा कर सकता है। फिलहाल, अमेरिका की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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