पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव एक बदले हुए चुनावी परिदृश्य में हो रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 90.83 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। इसकी वजह से कुल वोटर संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.77 करोड़ रह गई है। किसी भी हिंदू शरणार्थी को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा इस बड़े बदलाव ने टीएमसी और भाजपा दोनों के चुनावी गणित को प्रभावित किया है। टीएमसी की ताकत रहे जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, नदिया, मालदा, हुगली, हावड़ा, उत्तर दिनाजपुर और पूर्व बर्दवान में करीब 66.6 लाख नाम हटे हैं। इन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक और महिला वोटरों की मजबूत मौजूदगी रही है, जिससे टीएमसी को अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना पड़ रहा है।इसी तरह भाजपा के लिए भी स्थिति पूरी तरह अनुकूल नहीं है, क्योंकि मातुआ समुदाय पर इस संशोधन का असर पड़ा है। करीब 55 सीटों वाले मातुआ बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में वोटर सूची से बाहर हुए हैं, खासकर नदिया जिले में, जहां 78 प्रतिशत तक नाम हटाए गए। हालांकि, उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे क्षेत्रों में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत मान रही है, जहां वोटर कटौती अपेक्षाकृत संतुलित रही है और पार्टी को नुकसान कम होने की उम्मीद है। हालांकि, बोंगांव से सांसद और केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी हिंदू शरणार्थी को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा और सभी के नाम दोबारा जोड़े जाएंगे। पार्टी ने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को तैनात कर फॉर्म-6 और ऑनलाइन अपील में मदद भी शुरू कर दी है। महिला मतदाताओं का अनुपात घटने से टीएमसी को हो सकता है नुकसान महिला मतदाताओं का अनुपात भी घटकर 959 से 950 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बंगाल में बदल गया चुनावी गणित: SIR ने ममता के गढ़ में लगाई सेंध, मतुआ वोट कटने से भाजपा की भी बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव एक बदले हुए चुनावी परिदृश्य में हो रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद करीब 90.83 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं। इसकी वजह से कुल वोटर संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 6.77 करोड़ रह गई है। किसी भी हिंदू शरणार्थी को देश छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा इस बड़े बदलाव ने टीएमसी और भाजपा दोनों के चुनावी गणित को प्रभावित किया है। टीएमसी की ताकत रहे जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद, नदिया, मालदा, हुगली, हावड़ा, उत्तर दिनाजपुर और पूर्व ब