यह वीडियो/ हटाएं क्या बोले भागवत? भागवत नागपुर के रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान आरएसएस के ‘घोष पथक’ (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘राष्ट्र स्वाराधना’ का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी शक्ति समर्पित की है। ‘घोष पथक’ की यात्रा और किताब की तारीफ करते हुए भागवत ने कहा कि यह पुस्तक स्वयंसेवकों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि 1925 में स्थापना के बाद से आरएसएस ने क्या किया है और भविष्य में उसे क्या करना चाहिए। समाज को दिया संघ की उपलब्धियों का श्रेय भागवत ने दोहराया कि संघ इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज नहीं कराना चाहता, बल्कि अपने कार्यों का श्रेय पूरे समाज को देना चाहता है। उन्होंने कहा कि संगठन ने अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरे समाज की कार्यशक्ति पर आधारित मार्ग को चुना है। भागवत नागपुर के रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान आरएसएस के ‘घोष पथक’ (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘राष्ट्र स्वाराधना’ का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी शक्ति समर्पित की है। ‘घोष पथक’ की यात्रा और किताब की तारीफ करते हुए भागवत ने कहा कि यह पुस्तक स्वयंसेवकों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि 1925 में स्थापना के बाद से आरएसएस ने क्या किया है और भविष्य में उसे क्या …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
RSS: 'संघ को इतिहास में 'स्वर्ण अक्षरों' में दर्ज होने की इच्छा नहीं', जानिए मोहन भागवत ने क्यों कही ये बात
यह वीडियो/ हटाएं क्या बोले भागवत? भागवत नागपुर के रेशिमबाग स्थित डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान आरएसएस के 'घोष पथक' (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित पुस्तक 'राष्ट्र स्वाराधना' का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी शक्ति समर्पित की है। 'घोष पथक' की यात्रा और किताब की तारीफ करते हुए भागवत ने कहा कि यह पुस्तक स्वयंसेवकों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि इससे उन्हें यह समझने में