पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बदले मौसम से उत्तर-पश्चिम भारत में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के साथ मूसलाधार बारिश हुई। कई जगह भूस्खलन होने से राजमार्ग समेत कई रास्ते बंद हो गए और सैकड़ों वाहन रास्तों में फंस गए। दिल्ली-एनसीआर यूपी समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि, कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हिमपात के साथ भारी बरसात हुई। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी व पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले मैदानी क्षेत्र, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर 30-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश हुई। ओडिशा में कई स्थानों और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा दर्ज की गई। झारखंड, तेलंगाना, बंगाल, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों, कोंकण और गोवा, गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई।नई दिल्ली। पहले से ही जलवायु परिवर्तन की मार झेल रही दुनिया पर इस साल सुपर अल नीनो का खतरा मंडरा रहा है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है कि वर्ष 2026 में भारत को भीषण गर्मी और कमजोर मानसून का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अल नीनो के प्रभाव के कारण जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश औसत से कम रहने की आशंका है।स्काईमेट के अनुसार, 2026 में मान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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