वहीं, एपी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ केवल बिचौलिये की भूमिका निभाई है। ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने में चीन ही असली खिलाड़ी बनकर उभरा है। ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन ने तेहरान को अमेरिका के साथ युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी आखिरकार मान ही लिया कि चीन ने ही तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की थी। एएफपी ने बातचीत में जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या तेहरान को युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए राजी करने में चीन की भूमिका थी, तो उन्होंने समाचार एजेंसी से कहा, “मुझे हां सुनाई दिया।“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर समझौता नहीं हुआ तो एक पूरी सभ्यता आज रात मर जाएगी। हालांकि, हमलों की डेडलाइन खत्म होने से महज 90 मिनट पहले ट्रंप ने अपने फैसले पर पलटी मारकर युद्धविराम का एलान कर दिया।एक महीने तक चले इस युद्ध के दौरान चीन खुलकर ईरान के समर्थन में उतरा। हालांकि, चीन की ओर से इस मामले पर बयानबाजी से ज्यादा कूटनीतिक रणनीति पर मेहनत की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जिस पाकिस्तान को युद्धविराम का श्रेय दे रहे हैं, उसने खुद इस महीने की शुरुआत में चीन से समर्थन मांगने के लिए संपर्क किया था।एपी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन ने ही पाकिस्तान, तुर्किए और मिस्र जैसे मध्यस्थों के साथ मिलकर ईरान युद्ध को खत्म करने की रणनीति बनाई। इतना ही नहीं, युद्धविराम की घोषणा से कुछ घंटे पहले चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बल प्रयोग को अधिकृत करने के प्रस्ताव को वीटो कर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Ceasefire: यूएस-ईरान युद्धविराम के पीछे PAK नहीं असली खिलाड़ी चीन निकला, ट्रंप ने भी हिचकिचा कर मान ही लिया
वहीं, एपी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ केवल बिचौलिये की भूमिका निभाई है। ईरान को युद्धविराम के लिए मनाने में चीन ही असली खिलाड़ी बनकर उभरा है। ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन ने तेहरान को अमेरिका के साथ युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी आखिरकार मान ही लिया कि चीन ने ही तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की थी। एएफपी ने बातचीत में जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि क्या तेहरान को युद्धविराम पर बातचीत करने के