सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। अदालत ने नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ का औपचारिक गठन किया है, जो 2018 के फैसले के खिलाफ दाखिल समीक्षा याचिकाओं पर विचार करेगी। पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत करेंगे। इसके साथ ही इसमें न्यायमूर्ति बी.वी. नागरथना, एम.एम. सुंदरश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ए.जी. मसिह, प्रसन्न बी. वराले, आर. महादेवन और जोयमलया बागची शामिल हैं। इस फैसले में महिलाओं को सभी आयु वर्ग के लिए सबरीमाला के भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। साथ ही इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जो धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाते हैं।सबरीमाला मामले के अलावा, शीर्ष अदालत अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से संबंधित व्यापक संवैधानिक सवालों की भी जांच करेगी। इसमें मस्जिदों और दरगाहों में मुस्लिम महिलाओं का प्रवेश, अंतरधार्मिक विवाह के बाद पारसी महिलाओं का अग्नि मंदिरों में प्रवेश का अधिकार, बहिष्कृत करने की प्रथाओं की वैधता और दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला जननांग विकृति की कानूनी वैधता जैसे मुद्दे शामिल हैं।इससे पहले, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व वाली पीठ ने सुनवाई के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तय किया था। पीठ ने स्पष्ट किया था कि मामले की स्वीकार्यता निर्णायक रूप से तय हो चुकी है। सात महत्वपूर्ण कानूनी सवालों की पहचान भी की गई है। कार्यक्रम के अनुसार, समीक्षा याचिकाओं का समर्थन करने वाले पक्षों की दलीलें 7 से 9 अप्रैल तक सुनी जाएंगी। इसके बाद, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Supreme Court: सबरीमाला पर 2018 के फैसले की समीक्षा करेगी अदालत? सीजेआई सूर्यकांत की पीठ में आज से सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। अदालत ने नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ का औपचारिक गठन किया है, जो 2018 के फैसले के खिलाफ दाखिल समीक्षा याचिकाओं पर विचार करेगी। पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत करेंगे। इसके साथ ही इसमें न्यायमूर्ति बी.वी. नागरथना, एम.एम. सुंदरश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ए.जी. मसिह, प्रसन्न बी. वराले, आर. महादेवन और जोयमलया बागची शामिल