परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भर होगा भारत: जो अब तक सिर्फ रूस कर सका वो हम करेंगे, कलपक्कम में ऐसा क्या हुआ? यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत का कलपक्कम परमाणु ऊर्जा संयंत्र क्या है? क्रिटिकैलिटी क्या होती है और इसे हासिल करने के बाद पलक्कम संयंत्र के चर्चा में आने की क्या वजहें हैं? भारत के लिए यह उपलब्धि कितनी बड़ी है? कैसे भारत 1950 के दशक में देखा गया परमाणु ऊर्जा का तीन चरण का सपना पूरा करने के करीब आ गया है? आइये जानते हैं… भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में क्रिटिकैलिटी यानी क्रांतिकता हासिल कर ली। अगर भारत का परमाणु कार्यक्रम इसी क्रिटिकैलिटी की सफल राह पर आगे बढ़ा तो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनने में देर नहीं लगेगी। इसका असर यह होगा कि भारत जल्द ही पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से ऊर्जा पैदा करने की जगह स्वच्छ अक्षय ऊर्जा पैदा करने के लिए तैयार हो जाएगा। क्या है कलपक्कम परमाणु ऊर्जा संयंत्र? तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारत का पहला स्वदेशी फास्ट ब्रीडर परमाणु रिएक्टर है। 500 मेगावाट (MWe) क्षमता वाले इस उन्नत रिएक्टर को इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (आईजीसीएआर) की ओर से डिजाइन और भाविनी की तरफ से निर्मित किया गया है। इसे बनाने मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भर होगा भारत: जो अब तक सिर्फ रूस कर सका वो हम करेंगे, कलपक्कम में ऐसा क्या हुआ?
परमाणु ऊर्जा में आत्मनिर्भर होगा भारत: जो अब तक सिर्फ रूस कर सका वो हम करेंगे, कलपक्कम में ऐसा क्या हुआ? यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत का कलपक्कम परमाणु ऊर्जा संयंत्र क्या है? क्रिटिकैलिटी क्या होती है और इसे हासिल करने के बाद पलक्कम संयंत्र के चर्चा में आने की क्या वजहें हैं? भारत के लिए यह उपलब्धि कितनी बड़ी है? कैसे भारत 1950 के दशक में देखा गया परमाणु ऊर्जा का तीन चरण का सपना पूरा करने के करीब आ गया है? आइये जानते हैं... भारत ने तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित परमाणु ऊर्जा