ईरानी रेड क्रिसेंट संगठन ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान को 17 रिहायशी इलाकों पर बमबारी की है। एक्स पर किए गए पोस्ट में संगठन ने कहा, “नागरिकों पर हमला करने का कोई औचित्य नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून स्पष्ट रूप से कहते हैं कि निहत्थे नागरिकों पर हमला करना युद्ध अपराध है।” वहीं, ईरानी मीडिया ने बताया कि देश में रात भर चले अमेरिकी-इस्राइली हमलों में 15 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।अमेरिकी-इस्राइली हमलों के जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर कई मिसाइलें दागी हैं। इस्राइली मीडिया के अनुसार ईरान द्वारा कई मिसाइलें दागे जाने के बाद मध्य इस्राइल में काफी नुकसान हुआ है। हालांकि, इस्राइल ने कई मिसाइलों को रोकने का भी दावा किया है। द टाइम्स ऑफ इस्राइल ने बचाव सेवाओं के हवाले से बताया कि यह क्षति ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल से दागे गए क्लस्टर सबमुनिशंस के कारण हुई थी।ईरान के सैन्य सूत्रों के अनुसार अमेरिका और इस्राइल की आक्रामकता के बावजूद सभी शहरों में मिसाइल लॉन्चर सक्रिय हैं और रोजाना ही मिसाइलें दागी जा रही हैं। फार्स न्यूज की रिपोर्ट में एक सैन्य सूत्र ने बताया है कि ईरान की मिसाइल आक्रमण क्षमताओं को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। नई टीमों की तैनाती के साथ दुश्मनों के हवाई हमलों को बहुत तेजी से बेअसर किया जा रहा है।तेहरान के आसमान में कई लड़ाकू विमानों के उड़ने की खबरें सामने आई हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान में बड़े धमाके सुने गए हैं। ईरान पर अचानक बढ़े इन हमलों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात आठ बजे तक समझौता करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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