मीडिया वार्ता के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य मिशन की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने एक पायलट को बचाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। यह पायलट ईरान के अंदर यानी दुश्मन के इलाके में गिर गया था। वहां हालात बहुत ही ज्यादा खतरनाक थे। इस जांबाज पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने अपने 200 सैनिकों को मिशन पर लगाया था। इस पूरे ऑपरेशन में 21 अमेरिकी विमानों ने हिस्सा लिया।उन्होंने बताया, बचाव अभियान के दौरान अमेरिकी विमानों पर बहुत करीब से भारी गोलीबारी की गई। इसके बावजूद अमेरिकी सैनिकों ने पीछे हटने के बजाय पूरी ताकत से मुकाबला किया और अपने साथी को बचा लिया। ट्रंप ने बताया कि सेना ने अपने ही एक विमान को खुद धमाका करके नष्ट कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि अमेरिका की गुप्त तकनीक ईरान के हाथ न लग सके। ट्रंप ने अमेरिकी सेना के इस शौर्य और साहस की जमकर तारीफ की और इसे एक अद्भुत काम बताया।इस सफल मिशन के बीच ट्रंप एक बात को लेकर बहुत गुस्से में दिखे। उन्होंने दावा किया कि इस बेहद संवेदनशील मिशन की जानकारी किसी ने पहले ही लीक कर दी थी। ट्रंप ने कहा कि इस तरह की जानकारी का बाहर आना देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने इस मामले की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं ताकि उस व्यक्ति या नेटवर्क को पकड़ा जा सके। उन्होंने साफ कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के काम को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इस पूरे ऑपरेशन की सफलता में सीआईए ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Iran-US War: ट्रंप की खुली चेतावनी- ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकते हैं, वह रात कल हो सकती है
मीडिया वार्ता के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य मिशन की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने एक पायलट को बचाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। यह पायलट ईरान के अंदर यानी दुश्मन के इलाके में गिर गया था। वहां हालात बहुत ही ज्यादा खतरनाक थे। इस जांबाज पायलट को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने अपने 200 सैनिकों को मिशन पर लगाया था। इस पूरे ऑपरेशन में 21 अमेरिकी विमानों ने हिस्सा लिया।उन्होंने बताया, बचाव अभियान के दौरान अमेरिकी विमानों पर बहुत करीब से भारी गोल