जज मुथुकुमारन ने कहा, यदि आम नागरिक ने यह अपराध किया होता, तो सामान्य सजा दी जा सकती थी। लेकिन अपराध पुलिस ने किया है। इसलिए साधारण सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि यह हिरासत में हिंसा का स्पष्ट उदाहरण है। साक्ष्यों से पता चला कि पिता और पुत्र को पुलिस हिरासत में बुरी तरह पीटा गया। निरीक्षक एस श्रीधर ने हमले के लिए उकसाया। जबकि, अन्य कर्मी हिंसा और उसके बाद सबूतों को छिपाने में शामिल थे।आरोपियों पर हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने, साक्ष्य गढ़ने और झूठे मामले दर्ज करने के आरोप शामिल थे।पुलिस ने जेयराज (58 वर्षीय) और बेनिक्स (31 वर्षीय) को 19 जून 2020 को हिरासत में लिया था। उन पर कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान नियम तोड़ने का आरोप लगाया गया था। कुछ दिनों बाद उनकी कोविलपत्ती सरकारी अस्पताल में मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि पुलिस हिरासत में उन्हें क्रूर यातना दी गई थी।केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फॉरेंसिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर साबित किया कि सातांकुलम थाने में उन पर क्रूर हमला हुआ था। थाने में पाए गए खून के धब्बे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटें मुख्य साक्ष्य रहे।ये भी पढ़ें: प्लास्टिक पैकिंग पर चेतावनी जरूरी: सुप्रीम कोर्ट का मद्रास हाई कोर्ट के आदेश में दखल से इनकार, कहा- गलत नहीं आरोपी विशेष उप-निरीक्षक पॉल्दुराई की मुकदमे के दौरान कोरोना से मौत हो गई थी। यह मामला पूरे देश में हिरासत में हिंसा और पुलिस की जवाबदेही पर बहस का केंद्र बन गया था। अब सजा सुनाए जाने के बाद मामला अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है।पीड़ितों के वकील जबा सिंह ने कहा, अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। ए1 से ए9 तक सभी आरोपियों को मौत की सजा दी गई। पहल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पुलिस हिरासत में मौत का मामला: मदुरै कोर्ट ने नौ पुलिसकर्मियों को दिया मृत्युदंड, पिता-पुत्र से हुई थी बेरहमी
जज मुथुकुमारन ने कहा, यदि आम नागरिक ने यह अपराध किया होता, तो सामान्य सजा दी जा सकती थी। लेकिन अपराध पुलिस ने किया है। इसलिए साधारण सजा नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि यह हिरासत में हिंसा का स्पष्ट उदाहरण है। साक्ष्यों से पता चला कि पिता और पुत्र को पुलिस हिरासत में बुरी तरह पीटा गया। निरीक्षक एस श्रीधर ने हमले के लिए उकसाया। जबकि, अन्य कर्मी हिंसा और उसके बाद सबूतों को छिपाने में शामिल थे।आरोपियों पर हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने, साक्ष्य गढ़ने और झूठे मामले दर्ज करने के आरोप शामिल थे।पुलिस ने जेय