मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा के 193 सांसदों द्वारा लगाया महाभियोग का प्रस्ताव खारिज हो गया है। विपक्षी दलों की ओर से यह प्रस्ताव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए लाया गया था। महाभियोग प्रस्ताव के इस प्रस्ताव पर 193 सांसदों (लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63) ने हस्ताक्षर किए थे। उसका नोटिस 12 मार्च 2026 को राज्यसभा सभापति को सौंपा गया था। जिसके आज लोकसभा सचिवालय और राज्यसभा चेयरमैन की ओर से खारिज कर दिया गया। यह पहली बार था, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया था। लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए कहा, यह फैसला भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत दिए गए प्रस्ताव की सूचना पर लिया गया। इस प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी। सदस्यों को जानकारी दी जाती है कि 12 मार्च 2026 की तारीख का एक प्रस्ताव नोटिस दिया गया था।उन्होंने कहा, इस पर लोकसभा के 130 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए थे। यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 324(5) और अनुच्छेद 124(4) के साथ-साथ 2023 के कानून और 1968 के न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत दिया गया था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश को हटाने की मांग की गई थी।इसमें आगे कहा गया, यह नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था। इसके बाद इस प्रस्ताव नोटिस पर पूरी तरह से विचार किया गया। सभी जरूरी पहलुओं और मुद्दों की सावधानी से और निष्पक्ष तरीके से जांच की गई। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया। जो अधिकार उन्हें न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत मिले हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें