जब लॉकडाउन लगा सरकार लोगों के साथ खड़ी मिली इस मौके पर सीएम ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने ‘आनंद मठ’ नाटक की प्रस्तुति में देखा। भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाटक का जिक्र किया सीएम ने आगे कहा कि आज सिनेमा अच्छा प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है। समाज भी उसे इसी तरह से ले रहा है। अब सबसे प्रचलित रामायण कार्यक्रम हुआ। यह समाज की संस्कृति को दर्शाता है। सीएम ने वाराणसी में भारतेंदु हरिश्चंद्र पर देखे नाटक का भी जिक्र किया। स्कूल कॉलेजों में महारानी लक्ष्मीबाई के नाटक का मंचन हो, महाराजा सुहेलदेव की कहानी को दिखाया जाए तो बच्चे सीखेंगे। महाराज सुहेलदेव ने सालार मसूद को दर्दनाक मौत दी उन्होंने कहा कि जहां सालार मसूद को मारा गया था। वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था। भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था। एक हजार साल बाद पीएम मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया। हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए। आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है। सीएम ने कहा कि सालार मसूद माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं। उसने हमारे मंदिर तोड़े थे। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था। ऐसे नायकों पर नाटक तैयार करने चाहिए और उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें। उन्होंने आगे कहा कि वोट बैंक में फर्क न पड़े, इसलिए लोग बिजली पा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
UP News: 'उस समय का माफिया था सालार मसूद', सीएम योगी बोले- आज जो मिट्टी में मिले इनके जैसा ही काम करता था वो
जब लॉकडाउन लगा सरकार लोगों के साथ खड़ी मिली इस मौके पर सीएम ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने 'आनंद मठ' नाटक की प्रस्तुति में देखा। भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाटक का जिक्र किया सीएम ने आगे कहा कि आज सिनेमा अच्छा प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है। समाज भी उसे इसी तरह से ले रहा है। अब सबसे प्रचलित रामायण क