पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बावजूद उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। राजस्थान समेत कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं, जबकि मध्य भारत में ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिससे देशभर में मौसम अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय रहा, जो अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका प्रभाव अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके चलते उत्तर भारत के मौसम में अस्थिरता बनी हुई है।राजस्थान के आसपास बना ऊपरी हवा का चक्रवात अब उत्तर-पूर्वी राजस्थान की ओर खिसक गया है, जिससे क्षेत्र में मौसम और सक्रिय हो गया है। पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि उत्तर भारत के अन्य पहाड़ी और मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है, लेकिन परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।पिछले 24 घंटों के दौरान असम और मेघालय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाके, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और तटीय कर्नाटक में बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी गरज के साथ बौछारें देखी गईं।दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और उमस से रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज की क्षमता का भी बड़ा संकट बनती जा रही है। एनवायर्नमेंटल रिसर्च जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार अत्यधिक तापमान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Weather: पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, फिर भी उत्तर भारत में मौसम अस्थिर; बारिश-ओलावृष्टि और गर्मी-उमस से हाल बेहाल
पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बावजूद उत्तर भारत में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। राजस्थान समेत कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं, जबकि मध्य भारत में ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिससे देशभर में मौसम अस्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के आसपास सक्रिय रहा, जो अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन इसका प्रभाव अभी