दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में कतई शामिल नहीं होगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है।उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नाटो सहयोगी देशों की तरफ से ब्रिटेन पर इस जंग में कूदने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वह देश की सेना को किसी ऐसे आक्रामक अभियान का हिस्सा नहीं बनने देंगे, जिससे ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचे। हालांकि, ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर ने साफ किया है कि वो होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के तरीकों पर चर्चा के लिए अंतरराष्ट्रीय बैठक में शामिल होंगे।बता दें कि प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कूटनीति की बारीकियों को समझते हुए पूरी तरह से हाथ भी नहीं खींचे हैं। ब्रिटेन ने अमेरिका को साइप्रस में स्थित अपने ‘आरएएफ अक्रोतिरी’ सैन्य ठिकाने का इस्तेमाल करने की इजाजत दी है। हालांकि, सख्त शर्तें भी रखी हैं। स्टार्मर सरकार ने साफ कर दिया है कि इस ठिकाने का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ रक्षात्मक कार्यों, जैसे कि आसमान में आ रही मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराने के लिए ही किया जा सकता है। पिछले दिनों रॉयल एयर फोर्स (आरएएफ) ने खाड़ी क्षेत्र में सहयोगियों की मदद के लिए कुछ ईरानी ड्रोन को मार गिराया था।ब्रिटेन के इस सख्त रूख से अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी साफ देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से अपने सैन्य ठिकानों के असीमित इस्तेमाल की इजाजत न देना दोनों देशों के पुराने और खास रिश्तों में दरार का संकेत है।इस फैसले का सीधा असर ब्रिटेन की अर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'यह हमारी लड़ाई नहीं है': ईरान युद्ध के बीच ब्रिटेन ने भी छोड़ा ट्रंप का साथ! होर्मुज को लेकर कही ये बड़ी बात
दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान में कतई शामिल नहीं होगा। उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह हमारी लड़ाई नहीं है।उनका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नाटो सहयोगी देशों की तरफ से ब्रिटेन पर इस जंग में कूदने का भारी दबाव बनाया जा रहा था। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि वह देश की सेना को किसी ऐसे आक्रामक अभियान का हिस्सा नहीं बनने देंगे, जिससे ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को नुकसा