धार के ऐतिहासिक भोजशाला परिसर से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वे से संबंधित याचिकाओं पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट कहा कि मुस्लिम पक्ष अपनी सभी शिकायतों और साक्ष्यों की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख करे। #WATCH | Delhi: Advocate Vishnu Shankar Jain says, “Regarding the Bhojshala case, a Special Leave Petition (SLP) was filed in the Supreme Court today on behalf of Maula Kamaluddin. The primary demand made in this petition was that a copy of the videography, conducted in… https://t.co/t7mzCo8RY6 pic.twitter.com/ENjQKPJjLM — ANI (@ANI) April 1, 2026 मामले को लेकर वकील विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया X पर ट्वीट कर कहा कि भोजशाला मामले के संबंध में, आज मौला कमालुद्दीन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दायर की गई थी। इस याचिका में मुख्य मांग यह थी कि ASI सर्वे के संबंध में 11 मार्च, 2024 के कोर्ट के आदेश के पालन में की गई वीडियोग्राफी की एक कॉपी उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस मामले का निपटारा करते हुए कहा कि वीडियोग्राफी के संबंध में उनकी जो भी आपत्तियां होंगी, उन पर हाई कोर्ट विचार करेगा। इस मामले से जुड़ी सुनवाई 2 अप्रैल को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच के समक्ष शुरू होनी है।इस मामले में मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रही कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच की कार्यवाही पर असंतोष जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सोसायटी ने अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।मुस्लिम पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत विशेष आवेदन मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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