UP: ‘दो नंबर से टूटी उम्मीद, जिद और हौसले ने टॉपर बनाया’, UPPSC टॉपर का इंटरव्यू; खुद बताया कैसे रचा इतिहास यह वीडियो/ हटाएं मूलरूप से बागपत के फतेहपुर पुट्ठी गांव के रहने वाले सुनील दत्त पांचाल वर्तमान में अपने परिवार के साथ शाहदरा के रामनगर में रहते हैं। वह शाहदरा स्थित एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनकी बेटी नेहा पांचाल ने जिस सपने को देखा था, उसको पूरा करना आसान नहीं था। कभी दो नंबर से सपना टूट गया था, आंखों में आंसू थे। दिल में दर्द भी कम नहीं था, मगर हौसला जिंदा था। अंदर एक जिद भी थी। इस हौसले व जिद के सहारे नेहा पांचाल ने यूपीपीएससी में पहली रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। नेहा की शादी से कुछ दिन पहले हुई थी भाई की मौत घर की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी, लेकिन सपने बड़े थे। इस बीच बड़ा झटका तब लगा, जब उनके भाई विनीत पांचाल को वर्ष 2012 में कैंसर हो गया। परिवार ने हर संभव कोशिश की, लेकिन वर्ष 2015 में नेहा की शादी से मात्र कुछ दिन पहले भाई की मौत हो गई। इससे पूरा परिवार टूट गया। भाई को खोने का दर्द नेहा के जीवन में एक गहरा जख्म छोड़ गया। इस दर्द ने नेहा को तोड़ा नहीं, बल्कि ज्यादा मजबूत बना दिया। उन्होंने अपने आंसुओं को अपनी ताकत बनाया और पढ़ाई को अपना हथियार। नेहा ने वर्ष 2018 से यूपीपीएससी की तैयारी शुरू की। रोजाना 8 से 9 घ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
UP: 'दो नंबर से टूटी उम्मीद, जिद और हौसले ने टॉपर बनाया', UPPSC टॉपर का इंटरव्यू; खुद बताया कैसे रचा इतिहास
UP: 'दो नंबर से टूटी उम्मीद, जिद और हौसले ने टॉपर बनाया', UPPSC टॉपर का इंटरव्यू; खुद बताया कैसे रचा इतिहास यह वीडियो/ हटाएं मूलरूप से बागपत के फतेहपुर पुट्ठी गांव के रहने वाले सुनील दत्त पांचाल वर्तमान में अपने परिवार के साथ शाहदरा के रामनगर में रहते हैं। वह शाहदरा स्थित एक फैक्टरी में काम करते हैं। उनकी बेटी नेहा पांचाल ने जिस सपने को देखा था, उसको पूरा करना आसान नहीं था। कभी दो नंबर से सपना टूट गया था, आंखों में आंसू थे। दिल में दर्द भी कम नहीं था, मगर हौसला जिंदा था। अंदर एक जिद भी थी। इस हौ