माइक्रोसॉफ्ट गूगल एपल इंटेल आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन) टेस्ला बोइंग डेल टेक्नोलॉजीज हेवलेट पैकार्ड (एचपी) सिस्को ओरेकल मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम) जेपी मॉर्गन चेस जनरल इलेक्ट्रिक हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज ईरान ने साफ कहा है कि 1 अप्रैल से तेहरान समय के अनुसार रात 8 बजे के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू किए जा सकते हैं। भारत के समय के अनुसार यह रात 10:30 बजे होगा। ईरान ने कहा है कि हर हमले के बदले इन कंपनियों की यूनिट्स को तबाह किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थलों से हटने की चेतावनी भी दी गई है।ईरान ने 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी की है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डेल, एचपी, सिस्को, ओरेकल और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इससे साफ है कि ईरान अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां आईआरजीसी के निशाने पर हैं।आईआरजीसी ने पहले भी ऐसी चेतावनियां दी हैं, लेकिन इस बार समय सीमा तय करने से खतरा ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह धमकी सच में लागू होती है, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। ईरान ने अपने बयान में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां युद्ध में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनका आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिका को ऑपरेशन की योजना बनाने और हमले करने में मदद करती हैं। इसी वजह से इन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।ईरान ने कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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