यह वीडियो/ हटाएं अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट में अहम दावा इस सप्ताह थिंक टैंक ‘सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी’ द्वारा जारी एक पॉलिसी पेपर में चेतावनी दी गई है कि प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग के बावजूद वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच गहरा रणनीतिक अविश्वास अब भी संबंधों पर असर डाल रहा है। ‘रिपेयरिंग द ब्रीच: गेटिंग यूएस-इंडिया टाइज बैक ऑन ट्रैक’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में दोनों देशों के संबंधों में पैदा हुआ तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और संबंधों को सुधारने में समय लगेगा। लिसा कर्टिस, कीर्ति मार्टिन और सितारा गुप्ता द्वारा लिखित इस रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत-अमेरिका संबंध गंभीर रूप से डगमगा गए थे। इसके पीछे भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम को लेकर मतभेद और भारतीय सामान पर अमेरिका द्वारा लगाया गया भारी-भरकम टैरिफ जैसे मुद्दे शामिल थे। व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति से फिर से पटरी पर लौटे संबंध रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 में अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनने से दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की गई है, लेकिन विश्वास बहाली के लिए लगातार प्रयास करने जरूरी होंगे। रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि भारत और अमेरिका के आर्थिक, रक्षा और प्रौद्योगिकी संबंध भले ही मजबूत बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान और आतंकवाद को लेकर मतभेद अभी भी मूलभूत बने हुए हैं। पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवाद को लेकर भारत निराश रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली, पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकवाद पर अमेरिका द्वारा ध्यान न दिए जाने से निराश है। रिपोर्ट में कश्मीर मुद्दे पर किसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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